
कोरबा।देश राष्ट्र ध्वज को सिर माथे पर और सीने से लगाया है ध्वज के सम्मान में सिर झुकाया है, राष्ट्र ध्वज देश के हर नागरिक के आन बान शान और सम्मान का प्रतीक है। पर लगता है एनटीपीसी अधिकारीयों ने दिल से ही राष्ट्र ध्वज के अपमान की ठानी है, राष्ट्र ध्वज के लिए संविधान में विस्तृत नियमावली, अपमान के लिए दंड के प्रावधान सहित बारीकी से ध्वजारोहण और ध्वज वंदन का सम्मान सहित गौरव पूर्ण विवरण अंकित किया है, जिसका आशय है देश से बढ़कर कुछ भी नहीं। पर एनटीपीसी के आत्ममुग्ध अधिकारी महारत्न कंपनी के कर्मचारी क्या हुए,घमंड की पराकाष्ठा सिर चढ़कर बोल रहा,लापरवाही बेपरवाही के साथ राष्ट्र ध्वज के सम्मान को चकनाचूर कर दे रहे ।
एक बार हो तो मानवीय चूक मानकर माफ भी कर दिया जाय पर बार बार की पुनरावृति को अधिकारियों की किस मानसिकता की ओर इशारा माना जाय। न इन्हें झंडे के आकर का पता न झंडे के सत्कार का पता, ये झंडे को चीथड़ों में नहीं फहरा रहे, हर नागरिक के आत्मसम्मान को चीथड़े कर देने पर आमदा हैं।
पूर्व में भी दिनांक 06 जून 2024 को न्यूज अग्रदूत ने सचेत किया था पर ये अधिकारी किसी की मानते कहां हैं, महारत्न कंपनी के अधिकारी जो ठहरे। झंडे की लंबाई चौड़ाई की विशालता इनके शौक और दिखावा का हिस्सा है। अधिकारियों को फिर सचेत कर रहे हैं,झंडे को दिखावे के लिए बहुत बड़ा नहीं सम्मान से यथोचित आकार का ही फहरा लीजिए जिसको सम्हाल सकें और सम्मान दे सकें। वरना जिलादंडाधिकारी के संज्ञान तक पहुंचने की देरी है एनटीपीसी के अधिकारियों को हैसियत का अंदाजा खुद ब खुद हो जाएगा।



