
कोरबा। जिले के कटघोरा तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम पाली में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) द्वारा की गई भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। बुधवार, 18 मार्च 2026 को प्रभावित लघु-मध्यम किसानों और युवाओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर न्याय की गुहार लगाई है।
भारी पुलिस बल के साथ जबरन बेदखली का आरोप

ज्ञापन के अनुसार, बीते 14 मार्च 2026 को ग्राम पाली में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में SECL द्वारा ग्रामीणों की पैतृक कृषि भूमि को भारी मशीनों के जरिए नष्ट कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कार्रवाई पूरी तरह एकतरफा थी, जिसमें छोटे किसानों के हितों की अनदेखी की गई और उन्हें उनकी अपनी ही जमीन, मकान और बाड़ी से बेदखल कर दिया गया।
PESA कानून और संविधान के उल्लंघन का दावा
ग्रामीणों ने इस कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए निम्नलिखित प्रमुख बिंदु उठाए हैं:
- ग्राम सभा की अवहेलना: पाली गांव पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है, जहाँ ‘पेसा’ (PESA) अधिनियम 1996 के तहत किसी भी अधिग्रहण के लिए ग्राम सभा की स्पष्ट लिखित सहमति अनिवार्य है। ग्रामीणों का दावा है कि यहाँ इस नियम को ताक पर रखा गया है।
- अनुच्छेद 14, 21 और 300A का हनन: ज्ञापन में कहा गया है कि केवल बड़े किसानों को लाभ पहुँचाना और छोटे किसानों की उपेक्षा करना समानता के अधिकार (अनुच्छेद 14) का उल्लंघन है। साथ ही, बिना पुनर्वास योजना के बेदखली को जीवन के अधिकार (अनुच्छेद 21) और संपत्ति के अधिकार (300A) का हनन बताया गया है।
- नियमगिरि और समता फैसले का हवाला: ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के ‘नियमगिरि’ और ‘समता’ फैसलों के अनुसार ग्राम सभा ही अपनी जमीन की मालिक है, जिसे दरकिनार नहीं किया जा सकता।
प्रमुख मांगें और चेतावनी
प्रभावित ग्रामीणों और युवाओं ने प्रशासन के समक्ष दो मुख्य मांगें रखी हैं:
- अधिग्रहण की कार्रवाई को तब तक स्थगित रखा जाए जब तक ग्राम सभा की वैध सहमति और प्रभावित लघु किसानों के साथ लिखित समझौता न हो जाए।
- प्रत्येक प्रभावित युवा को स्थाई रोजगार और वर्तमान बाजार दर के अनुरूप उचित मुआवजे का स्पष्ट आश्वासन दिया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 5 दिनों के भीतर प्रशासन और प्रबंधन ने वार्ता के सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो वे उच्च न्यायालय/सर्वोच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर करेंगे और लोकतांत्रिक सत्याग्रह के लिए विवश होंगे।



