
रायगढ़, 2 मई 2026।जिले के कापू थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुम्हीचुआ में युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंधे हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। उधारी के पैसों को लेकर चल रहे विवाद ने हत्या का रूप ले लिया, जिसमें आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

क्या है मामला?
27 अप्रैल 2026 को ग्राम कुम्हीचुआ निवासी 30 वर्षीय देवव्रत तुरी का शव उसके निर्माणाधीन मकान के पीछे संदिग्ध अवस्था में मिला था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने और गले की हड्डी टूटने से मौत की पुष्टि होने पर हत्या का मामला दर्ज किया गया।
जांच में क्या आया सामने?
पुलिस ने परिजनों, ग्रामीणों और संदिग्धों से पूछताछ की, लेकिन शुरुआती दौर में कोई ठोस सुराग नहीं मिला। बाद में जानकारी मिली कि मृतक और गांव के ही करमसाय नागेसिया के बीच लंबे समय से पैसों का विवाद चल रहा था।
संदेह के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पहले वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
कैसे दिया वारदात को अंजाम?
आरोपी ने बताया कि करीब छह साल पहले उसने मृतक को 5,000 रुपये उधार दिए थे, जो वापस नहीं मिले। इसी बात को लेकर दोनों के बीच रंजिश थी।
26 अप्रैल की रात आरोपी ने देवव्रत को घर के पास देखा और गुस्से में उसका पीछा कर पकड़ लिया। उसने मुंह और गला दबाकर उसे जमीन पर गिरा दिया और तब तक दबाए रखा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। बाद में शव को घर के पीछे फेंककर साक्ष्य छिपाने की कोशिश की।
पुलिस की कार्रवाई
कापू पुलिस ने आरोपी करमसाय नागेसिया (42 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस का संदेश
जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आम लोगों से अपील की गई है कि किसी भी विवाद का समाधान कानूनी तरीके और आपसी संवाद से करें।
निष्कर्ष
यह मामला दर्शाता है कि छोटी-सी आर्थिक रंजिश भी गंभीर अपराध का रूप ले सकती है। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से घटना का खुलासा संभव हो सका।



