
बिलासपुर।बिलासपुर रेंज में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ली गई, जिसमें सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में कानून-व्यवस्था, लंबित मामलों के निराकरण और आधुनिक तकनीकों के उपयोग को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में क्या रहा खास?
लंबित मामलों पर सख्ती
रेंज में धारा 173(8) CrPC/193(9) BNSS के तहत कुल 752 मामले लंबित पाए गए।
सबसे ज्यादा मामले कोरबा (222) और बिलासपुर (145) में लंबित हैं।
आईजी ने निर्देश दिए कि 2021 और उससे पुराने सभी मामलों को 2 महीने में खत्म करने का लक्ष्य रखा जाए।
फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर चालान पेश करने पर जोर दिया गया।
गंभीर अपराधों पर फोकस
लूट और डकैती जैसे संवेदनशील अपराधों की विशेष समीक्षा के निर्देश दिए गए।
फरार आरोपियों को निगरानी में रखने और
मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
जांच प्रक्रिया में सुधार
किसी भी अस्पताल से MLC मिलने पर 24 घंटे के भीतर संबंधित थाने को सूचना देना अनिवार्य किया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किए बिना जांच प्रक्रिया (पंचनामा/बयान) तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए गए।
टेक्नोलॉजी का बढ़ता इस्तेमाल
आईजी ने आधुनिक पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए विभिन्न पोर्टलों के उपयोग पर जोर दिया:
मानस पोर्टल: नारकोटिक्स से जुड़े हर इनपुट का 100% सत्यापन
सशक्त एप: पुलिसिंग डेटा नियमित अपडेट
अनुभव एप: जनता से स्वैच्छिक और सकारात्मक फीडबैक लेने के निर्देश
अधिकारियों की रही मौजूदगी
बैठक में बिलासपुर रेंज के सभी जिलों के एसएसपी/एसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए और अपने-अपने जिले की स्थिति प्रस्तुत की।
ढिलाई बर्दाश्त नहीं
बैठक के अंत में आईजी राम गोपाल गर्ग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अधिकारी दिए गए आदेशों का सख्ती से पालन करें और समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बिलासपुर रेंज में पुलिस अब लंबित मामलों के निपटारे, तकनीकी उपयोग और अपराध नियंत्रण को लेकर एक्शन मोड में है। आने वाले समय में इसका असर जमीनी स्तर पर दिखने की उम्मीद है।



