
कोरबा। औद्योगिक और ऊर्जा नगरी कोरबा से राजस्थान की राजधानी जयपुर के लिए सीधी सवारी ट्रेन चलाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। खासकर राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटू श्याम मंदिर जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं का कहना है कि वर्षों से मांग किए जाने के बावजूद उन्हें अब तक सीधी रेल सुविधा नहीं मिल सकी है।

कोरबा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़ और आसपास के जिलों से हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु खाटू श्याम, सालासर बालाजी और जयपुर क्षेत्र की धार्मिक यात्राएं करते हैं। वर्तमान में यात्रियों को बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग या नागपुर जैसे स्टेशनों से ट्रेन बदलकर लंबी और असुविधाजनक यात्रा करनी पड़ती है। इससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि कोरबा देश के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है, जहां से रोजाना हजारों लोग विभिन्न राज्यों की यात्रा करते हैं। इसके बावजूद लंबी दूरी की नई ट्रेनों के मामले में क्षेत्र को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। लोगों का आरोप है कि समय-समय पर नई रेल सुविधाओं के आश्वासन तो मिलते हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस पहल दिखाई नहीं देती।
वहीं दूसरी ओर, क्षेत्र के लोग हवाई सेवाओं को लेकर भी उत्सुक हैं। कोरबा में नियमित वाणिज्यिक हवाई सेवा शुरू होने की संभावना फिलहाल स्पष्ट नहीं है, इसलिए लोगों की निगाहें बिलासपुर एयरपोर्ट पर टिकी हुई हैं। नागरिक जानना चाहते हैं कि क्या भविष्य में बिलासपुर से जयपुर सहित देश के अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू हो सकती हैं, जिससे यात्रा आसान हो सके।
रेल यात्रियों का कहना है कि यदि कोरबा से जयपुर के लिए प्रतिदिन सीधी ट्रेन शुरू की जाती है तो इसका लाभ केवल श्रद्धालुओं को ही नहीं, बल्कि व्यापारियों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को भी मिलेगा। इससे छत्तीसगढ़ और राजस्थान के बीच संपर्क और मजबूत होगा।
अब क्षेत्रवासियों की नजर रेलवे और जनप्रतिनिधियों पर टिकी है। सवाल यही है कि आखिर कोरबा से जयपुर के लिए सीधी ट्रेन कब चलेगी? और क्या भविष्य में बिलासपुर से जयपुर की हवाई सेवा शुरू होने की उम्मीद की जा सकती है? इन सवालों के जवाब का इंतजार लाखों लोगों को है।
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