विकास कार्यों की योजना से लेकर सामाजिक मुद्दों तक, ग्राम सभा में हुई व्यापक चर्चा

विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत आगामी पांच वर्षों की ग्राम विकास कार्ययोजना, जल सुरक्षा और रोजगारमूलक परिसंपत्ति निर्माण पर फोकस

जांजगीर-चांपा, 2 अक्टूबर 26। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार पोयाम के मार्गदर्शन में जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 2 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। ग्राम सभाओं में विकसित भारत–जी राम जी, विकसित ग्राम पंचायत प्लान (VGPP), जल संरक्षण, ग्रामीण विकास एवं जनभागीदारी से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विशेष ग्राम सभा में विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत आगामी पांच वर्षों के कार्यपूजना तैयार करने, ग्राम की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों का चयन, विकसित ग्राम पंचायत प्लान पोर्टल में आवश्यक प्रविष्टियां तथा युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से कार्यों की प्लानिंग किए जाने की जानकारी दी गई। ग्रामीणों से गांव की प्राथमिक जरूरतों और विकास कार्यों को लेकर सुझाव भी लिए गए।
ग्राम सभा में जल बजट के आधार पर जल की उपलब्धता एवं आवश्यकता के बीच अंतर को चिन्हांकित कर उसके अनुरूप कार्यों का चयन एवं प्राथमिकता तय करने पर चर्चा हुई। जल संरक्षण एवं जल सुरक्षा को ग्राम विकास की प्राथमिकता बताते हुए ऐसे कार्यों के चयन पर बल दिया गया, जिनसे रोजगार के साथ- साथ स्थायी और उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण हो सके। ग्राम सभा में इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, जल संरक्षण एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई। ग्राम सभा मे विकसित भारत जी राम जी योजना से ग्रामीणों को मिलने वाले प्रमुख फायदे जैसे 125 दिनों का रोजगार, 300 रुपए प्रतिदिन मजदूरी भुगतान, 375 प्रकार के निर्माण कार्यो से अधोसंरचना विकास और आजीविका संवर्धन सहित जल संरक्षण एवं जी राम जी योजना के आधारभूत चार स्तंभों की जानकारी ग्रामीणों को दी गई।
जनपद पंचायत बलौदा की ग्राम पंचायत बोकरामुड़ा में आयोजित विशेष ग्राम सभा में सहायक प्रचार-प्रसार अधिकारी देवेन्द्र कुमार यादव, कार्यक्रम अधिकारी हृदय शंकर, सरपंच राजकुमार साहू ने ग्रामीणों को जी राम जी योजना एवं विकसित ग्राम पंचायत प्लान के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने आगामी पांच वर्षों की ग्राम विकास योजना, जल बजट, जल सुरक्षा, युक्तधारा के माध्यम से कार्यों की प्लानिंग तथा रोजगार के साथ स्थायी परिसंपत्ति निर्माण की प्रक्रिया को बताया गया।

