featuredछत्तीसगढ़

खदान का विरोध,पुलिस पर पथराव,महिला T.I.सहित कई घायल

रायगढ़। जिले के तमनार ब्लॉक के धौराभाठा में जिंदल उद्योग को आवंटित गारे-पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक में भू-अधिग्रहण और प्रस्तावित उत्खनन परियोजना का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। सीएचपी चौक पर धरने पर बैठे ग्रामीणों को हटाने गए पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झूमाझटकी हुई।

इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया। वहीं बस समेत कई गाड़ियों में तोड़फोड़ करते हुए आग भी लगा दी। पथराव में महिला टीआई कमला पुसाम समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। गांव में भारी तनाव का माहौल है। मौके पर अतिरिक्त बल भेजा गया है।

जानकारी के मुताबिक, तमनार क्षेत्र में जिंदल समूह को कोल ब्लॉक आवंटन के विरोध में ग्रामीण लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि प्रस्तावित परियोजना को लेकर होने वाली जनसुनवाई को तत्काल निरस्त किया जाए, क्योंकि इससे पर्यावरण को भारी नुकसान होने की आशंका है और बड़ी संख्या में ग्रामीणों के विस्थापन का खतरा पैदा हो गया है।

जब पुलिस धरना हटाने के लिए सीएचपी चौक पहुंची, तो पहले ग्रामीणों और पुलिस के बीच झूमा-झटकी हुई। इसी दौरान एक सड़क हादसे में एक ग्रामीण के घायल होने की खबर सामने आई, जिसके बाद माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि इसी घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।

पथराव और हंगामे के दौरान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस की एक जीप को आग के हवाले कर दिया। इसके साथ ही जिंदल समूह की एक बस में तोड़फोड़ और आगजनी की भी खबर है। इलाके में आगजनी और हिंसा के दृश्य देखकर दहशत का माहौल बन गया।

हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है। अतिरिक्त पुलिस फोर्स को आसपास के थानों से बुलाया गया है, ताकि स्थिति को काबू में किया जा सके। फिलहाल गांव और आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण बनी हुई है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हंगामे के दौरान एक ट्रक चालक को ग्रामीणों ने पकड़कर बांध दिया और उसकी पिटाई भी की। हालांकि बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभालने की कोशिश की। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे थे, लेकिन पुलिस ने जबरन धरना हटाने की कोशिश की, जिससे हालात बिगड़े। ग्रामीणों का आरोप है कि कोल ब्लॉक परियोजना से जंगल, जमीन और पानी को नुकसान होगा और सैकड़ों परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ सकता है। इसी डर के चलते वे जनसुनवाई का विरोध कर रहे हैं।वहीं, पुलिस और प्रशासन की ओर से कहा गया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना जरूरी था और हालात अचानक बिगड़े। पथराव और आगजनी की घटनाओं में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

newsagradoot

News Agradeoot is a trusted Hindi news website delivering the latest breaking news, local updates, national headlines, and in-depth analysis from India and around the world. We focus on politics, education, technology, business, entertainment, and social issues, providing accurate, fast, and unbiased journalism. Our mission is to keep readers informed with reliable news, fact-checked stories, and real-time updates. News Agradeoot believes in responsible digital journalism and reader-first reporting.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button