
जांजगीर-चांपा। थाना बिर्रा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए महज कुछ घंटों में 2 लाख 21 हजार रुपये की कथित चोरी के मामले का पर्दाफाश कर दिया। जांच में सामने आया कि आवेदक ने देनदारों को रकम लौटाने से बचने के लिए खुद ही झूठी चोरी की कहानी रची थी।

मामला थाना बिर्रा क्षेत्र के ग्राम बनडभरा का है, जहां निवासी नरेश भारद्वाज ने 9 मई को थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने खेत बिक्री से मिले 2.21 लाख रुपये घर की अलमारी में रखे थे, जिसे रात के दौरान अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। शिकायत के अनुसार चोर अलमारी को घर से बाहर ले जाकर रकम निकालकर फरार हो गए थे।
शिकायत मिलने के बाद बिर्रा थाना पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप के मार्गदर्शन और डीएसपी सतरूपा तारम के पर्यवेक्षण में टीम ने मौके पर पहुंचकर आवेदक और उसके परिजनों से पूछताछ की।
कड़ाई और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के दौरान आवेदक नरेश भारद्वाज टूट गया और उसने स्वीकार किया कि गांव के कुछ लोगों से उसने उधार लिया था। कर्ज चुकाने से बचने के लिए उसने खुद ही अलमारी को क्षतिग्रस्त कर घर से दूर फेंका और पूरी रकम घर की छत में छिपा दी थी।
पुलिस ने आवेदक की निशानदेही पर छिपाई गई पूरी रकम 2 लाख 21 हजार रुपये बरामद कर परिजनों और गवाहों की मौजूदगी में सुपुर्द कर दी।

इस पूरे मामले का खुलासा करने में थाना प्रभारी जय कुमार साहू, सउनि टी.आर. जांगड़े, नरेन्द्र शुक्ला, आरक्षक रघुवीर यादव, जनक कश्यप, दीपक तिवारी और महिला आरक्षक रितु लहरे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



