छत्तीसगढ़

रायपुर लाया गया 14 नक्सलियों के शव… पोस्टमार्टम से पहले पोर्टेबल मशीन से होगा एक्स-रे

गरियाबंद,22 जनवरी 2025। जिले के कुल्हाड़ी घाट जंगल में हुए मुठभेड़ में मारे गए सभी 14 नक्सलियों के शव रायपुर लाए गए हैं। सुबह 5 बजे के करीब इन शवों को रायपुर लाकर मेकाहारा अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है।

शवों का पोस्टमार्टम करने के लिए 22 डॉक्टरों की टीम बनाई गई है, जिसमें 12 मर्चुरी में तैनात डॉक्टरों के अलावा 10 अतिरिक्त डॉक्टर और 10 सफाईकर्मी भी सीएमएचओ से मांगे गए हैं। यह मर्चुरी में पहली बार होगा, जब इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों के शवों का पोस्टमार्टम किया जाएगा।

पुलिस और प्रशासन ने शवों के पोस्टमार्टम को लेकर पूरी तैयारी की है, ताकि प्रक्रिया में कोई समस्या न हो। मारे गए नक्सलियों में कई सीनियर कमांडर भी शामिल हैं, जिनकी शिनाख्त का काम जारी है। इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है और इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

पोर्टेबल मशीन से शवों का एक्स-रे

मेकाहारा अस्पताल की मोर्चरी में पोर्टेबल एक्स-रे मशीन लाई गई है। नक्सलियों के शवों का एक्स-रे पहले किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शव में कोई धातु या विस्फोटक तो नहीं हैं।

यदि एक्स-रे में कोई धातु या विस्फोटक तत्व पाए जाते हैं तो तुरंत बॉम्ब स्क्वॉड की टीम को बुलाया जाएगा। इसके बाद शवों का पोस्टमार्टम किया जाएगा।

यह प्रक्रिया नक्सलियों द्वारा अपने शवों में छिपाए गए किसी भी संभावित खतरे को पहचानने के लिए है। पुलिस और प्रशासन की यह पहल सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उठाई गई है।

दामोदर-चलपती के मारे जाने से टूटी कमर

ओडिशा के नुआपाड़ा जिले की सीमा पर स्थित गरियाबंद जिले में चल रही मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार शाम तक एक करोड़ के इनामी नक्सली जयराम उर्फ चलपति सहित 14 नक्सली ढेर कर दिए गए हैं।

मूलत: आंध्र प्रदेश का निवासी 60 वर्षीय जयराम नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी का सदस्य व ओडिशा राज्य कमेटी का प्रभारी था। मुठभेड़ अभी जारी है। इसमें कोबरा बटालियन के नीरज कुमार व ओडिशा के जवान धर्मेंद्र भोई घायल हुए हैं।

रायपुर के नारायणा अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है, जहां उनकी हालत स्थिर है। इसके पहले 16 जनवरी को भी छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर मुठभेड़ में 18 नक्सली मारे गए थे।

दामोदर-चलपती का मारा जाना बहुत बड़ी सफलता

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वर्ष 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का जो लक्ष्य दिया था, उस ओर छत्तीसगढ़ सरकार ने तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं। इस वर्ष की शुरुआत में ही नक्सल आंदोलन की कमर तोड़ दी है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सल आंदोलन की कमान संभाल रहे आईजीपी सुंदरराज ने दोनों नक्सलियों के मारे जाने को सुरक्षा बल की बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अंतिम सांसें गिन रहा है।

गत वर्ष मुठभेड़ों में 60 से अधिक बड़े नक्सलियों को ढेर किया गया है। अब इन दोनों शीर्ष नक्सलियों के मारे जाने से तेलंगाना और ओडिशा समेत छत्तीसगढ़ में नक्सलियों को भारी क्षति हुई है।

बीजापुर जिले के तेलंगाना सीमा से सटे पुजारी कांकेर क्षेत्र में 16 जनवरी को हुए मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बल को घटनास्थल से 12 शव मिले थे। यहां तेलंगाना स्टेट कमेटी सचिव 75 लाख के इनामी दामोदर सहित 18 नक्सलियों मारे गए थे।

अब गरियाबंद जिले में कुल्हाड़ी घाट की पहाड़ी पर हुए मुठभेड़ में सुरक्षा बल ने ओडिशा स्टेट कमेटी के सचिव एक करोड़ के इनामी नक्सली रामचंद्र रेड्डी उर्फ चलपती समेत 15 से अधिक नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया है।

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