
कोरबा,23 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के तहत एक अनूठी पहल देखने को मिली। पुलिस सहायता केंद्र मणिकपुर क्षेत्र के दादर में “चलित थाना” का आयोजन कर पुलिस टीम सीधे ग्रामीणों के बीच पहुंची।


पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को त्वरित, सुलभ और प्रभावी पुलिस सेवा उपलब्ध कराना रहा। इसके तहत आयोजन स्थल पर अस्थायी पुलिस सहायता केंद्र बनाया गया, जहां लोगों की समस्याएं सुनी गईं और शिकायतें दर्ज की गईं।
मौके पर ही कार्रवाई, 3 शिकायतों का समाधान
कार्यक्रम के दौरान कुल 3 शिकायतें सामने आईं, जिन पर पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मौके पर ही जांच शुरू की। कई मामलों में संबंधित पक्षों को समझाइश देकर तत्काल और सौहार्दपूर्ण समाधान भी किया गया।
जागरूकता पर रहा विशेष फोकस
चलित थाना के दौरान पुलिस ने ग्रामीणों को विभिन्न विषयों पर जागरूक किया, जिनमें शामिल हैं :साइबर फ्रॉड से बचाव के तरीके,महिलाओं की सुरक्षा और उनसे जुड़े कानून,यातायात नियमों का पालन,अवैध शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ सूचना देने की अपील…
पुलिस-जन संवाद को मिला बढ़ावा
इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच विश्वास और संवाद को मजबूत करना है, ताकि छोटे विवादों का समय पर समाधान हो सके और लोगों को थानों के चक्कर न लगाने पड़ें।
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के तहत इस तरह के जनहितकारी कार्यक्रम आगे भी लगातार आयोजित किए जाएंगे, जिससे जिले में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके।



