
रायगढ़ पुलिस का अब तक का सबसे बड़ा एक्शन

रायगढ़ 13 मई 2026।आईपीएल क्रिकेट सट्टेबाजी की आड़ में करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार, हवाला नेटवर्क और ब्लैक मनी के खेल पर रायगढ़ पुलिस ने ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए जिले के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। साइबर सेल, कोतवाली और घरघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1 करोड़ 2 लाख 81 हजार 300 रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, 4 मोबाइल फोन और अन्य अहम साक्ष्य बरामद किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत 1 करोड़ 3 लाख 86 हजार 300 रुपये बताई गई है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क केवल ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके जरिए करोड़ों रुपये की ब्लैक मनी को हवाला चैनलों के माध्यम से व्हाइट किया जा रहा था। पूरे मामले की मॉनिटरिंग स्वयं एसएसपी शशि मोहन सिंह कर रहे हैं।
ऐसे खुला सट्टा सिंडिकेट का काला खेल
दरअसल, 26 अप्रैल को रायगढ़ शहर और घरघोड़ा क्षेत्र में ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क पर पुलिस ने एक साथ दबिश देकर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। शुरुआती जांच में मोबाइल फोन, डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और नगदी बरामद हुई थी। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने रायगढ़ के खाईवाल करन चौधरी और जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार के नाम उजागर किए।
इसके बाद साइबर टीम ने कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड, यूपीआई ट्रांजेक्शन और डिजिटल ट्रेल के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच में सामने आया कि आरोपी करन चौधरी रायगढ़, सक्ती, रायपुर, बिलासपुर से लेकर दिल्ली तक फैले नेटवर्क के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा था।
ब्लैक मनी को हवाला से किया जा रहा था व्हाइट
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सट्टे से मिलने वाली रकम को सीधे बैंक खातों में न रखकर पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य कारोबारी चैनलों के जरिए कैश डंप किया जाता था। बाद में हवाला नेटवर्क के जरिए इस रकम को आगे ट्रांसफर कर वैध स्वरूप दिया जाता था।
जांच के दौरान कृष्ण प्राइड टावर स्थित फ्लैट में छापेमारी कर पुलिस ने सुनील अग्रवाल के कब्जे से 50 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन और मोबाइल फोन जब्त किए। वहीं पुष्कर अग्रवाल के पास से 52 लाख 60 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस को इलेक्ट्रॉनिक डाटा और वित्तीय दस्तावेजों से संगठित आर्थिक अपराध के पुख्ता सबूत मिले हैं।
कर्मचारियों और परिचितों के खातों का इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार आरोपी जांच एजेंसियों से बचने के लिए अपने निजी बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल नहीं करते थे। इसके बजाय कर्मचारियों, परिचितों और सहयोगियों के खातों और नंबरों का उपयोग कर करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन किया जा रहा था।
करन चौधरी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
मुख्य आरोपी करन चौधरी के खिलाफ पहले से जुआ-सट्टा, मारपीट, रंगदारी, आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण और अपहरण जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। पुलिस ने उसे आदतन अपराधी मानते हुए पहले भी प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की थी।
लगातार आपराधिक गतिविधियों और संगठित नेटवर्क के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 (संगठित अपराध) भी जोड़ दी है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि फरार आरोपी जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार की तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपी
करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल, निवासी श्याम नगर, रायगढ़
पुष्कर अग्रवाल, निवासी कृष्ण प्राइड टावर, रायगढ़
सुनील कुमार अग्रवाल, निवासी कृष्ण प्राइड टावर, रायगढ़
एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में सट्टा, हवाला, ब्लैक मनी और संगठित अपराध से जुड़े किसी भी नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा। रायगढ़ पुलिस आर्थिक अपराधों के खिलाफ आगे भी इसी कठोरता के साथ कार्रवाई जारी रखेगी।



