
रायगढ़, 25 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में साइबर पुलिस ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर की जा रही बड़ी ठगी का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान के भीलवाड़ा से महिला समेत 5 शातिर अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह ने रायगढ़ के एक सेवानिवृत्त विद्युत विभाग अधिकारी से करीब 36.97 लाख रुपये की ठगी की थी। वहीं, देशभर में इस गिरोह द्वारा 1.40 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी करने के सबूत भी मिले हैं।
फर्जी अधिकारी बनकर रचते थे “डिजिटल अरेस्ट” का जाल
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी खुद को टेलीकॉम अधिकारी,पुलिस/IPS अधिकारी,CBI अफसर बताकर लोगों को मनी लॉन्ड्रिंग और गिरफ्तारी का डर दिखाते थे। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए “डिजिटल अरेस्ट” का भय पैदा कर पीड़ितों से बैंक डिटेल और रकम ट्रांसफर करवा लेते थे।
ऐसे हुई 36.97 लाख की ठगी
पीड़ित सेवानिवृत्त अधिकारी नरेंद्र ठाकुर को जनवरी 2026 में एक महिला का कॉल आया, जिसने खुद को TRAI से जुड़ा बताया।
इसके बाद कॉल को फर्जी पुलिस और आईपीएस अधिकारी से जोड़कर उन्हें केस में फंसाने की धमकी दी गई।
डर के माहौल में आकर पीड़ित ने 30 जनवरी से 11 फरवरी 2026 के बीच 36,97,117 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।हालांकि शिकायत मिलते ही साइबर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर करीब 2 लाख रुपये होल्ड भी कराए।
जांच से खुला पूरा नेटवर्क
तकनीकी जांच, बैंक ट्रेल और साइबर इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस टीम राजस्थान के भीलवाड़ा पहुंची, जहां से गिरोह का खुलासा हुआ।
गिरोह का मास्टरमाइंड राहुल व्यास, बंधन बैंक का कर्मचारी निकला,महिला आरोपी आरती राजपूत वेब डेवलपर है सभी आरोपी मिलकर संगठित तरीके से ठगी को अंजाम दे रहे थे।पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी ऑनलाइन वीडियो देखकर साइबर ठगी सीखकर खुद गैंग चला रहे थे।
बरामदगी और वित्तीय खुलासा
पुलिस ने आरोपियों के पास से:
- 7 मोबाइल फोन
- 1 लैपटॉप
- कई संदिग्ध बैंक खाते जब्त किए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि एक आरोपी के खाते में 60 लाख रुपये का ट्रांजैक्शन मिला।ठगी की रकम का प्रतिशत के आधार पर आपस में बंटवारा होता था
ऐसे पकड़े गए आरोपी
रायगढ़ साइबर थाना प्रभारी विजय चेलक के नेतृत्व में गठित टीम ने भीलवाड़ा में दबिश देकर सभी आरोपियों को पकड़ा।
गिरफ्तार आरोपी
- राहुल व्यास
- रविराज सिंह
- संजय मीणा
- आरती राजपूत
- गौरव व्यास
एसएसपी का अलर्ट: ऐसे ठगी से बचें
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है:
- “डिजिटल अरेस्ट” जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं होता
- कोई भी एजेंसी फोन/वीडियो कॉल पर पैसे ट्रांसफर नहीं कराती
- ऐसे कॉल आने पर घबराएं नहीं, तुरंत सत्यापन करें
- OTP या बैंक डिटेल साझा न करें
- तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें
पुलिस का कहना है कि मामले में और आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जांच तेज कर दी गई है।



