
चमिया और बड़े जीराखाल में गूंजा ‘खुशियों की चाबी’ का उल्लास




जगदलपुर, 13 मई 2026/ राज्य शासन की मंशानुरूप अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने के संकल्प के साथ बस्तर जिले के ग्राम पंचायत चमिया में ‘सुशासन तिहार 2026’ का आयोजन किया गया। “गाँव-गाँव, द्वार-द्वार सुशासन की सरकार” के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए इस शिविर ने ग्रामीणों के लिए एक ऐसी खिड़की खोल दी, जहाँ उनकी समस्याओं का न केवल पंजीकरण हुआ बल्कि मौके पर ही उनका प्रभावी समाधान भी सुनिश्चित किया गया। इस आयोजन की सार्थकता उस वक्त दिखी जब प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्षों से पक्के मकान का सपना संजोए बैठे परिवारों को उनके नए घर की ‘खुशियों की चाबी’ सौंपी गई। नया आशियाना मिलने की यह खुशी केवल ईंट-पत्थर के मकान तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह शासन के प्रति उस भरोसे की जीत थी जिसे सुशासन की अवधारणा का आधार माना जाता है।
आवास के साथ-साथ शिविर में आर्थिक सशक्तिकरण की भी नई इबारत लिखी गई, जहाँ स्वयं सिद्धा योजना के अंतर्गत हितग्राही उषावती को 2 लाख रुपए का ऋण वितरित कर उनके आत्मनिर्भर बनने के मार्ग को प्रशस्त किया गया, वहीं अन्य महिला स्व-सहायता समूहों को भी 6 लाख रुपए तक की बड़ी सहायता राशि प्रदान की गई। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को 6 हजार रुपए के चेक प्रदान कर उनके पोषण और स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। शिक्षा और दस्तावेजीकरण के मोर्चे पर भी यह शिविर अत्यंत सक्रिय रहा, जहाँ स्कूली बच्चों और स्थानीय निवासियों को उनके महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज और विभिन्न प्रमाण पत्र तत्काल वितरित किए गए।
शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए विशेष स्टॉल पर ग्रामीणों की निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच की गई, जिसमें ब्लड प्रेशर और अन्य प्राथमिक परीक्षणों के साथ-साथ विशेषज्ञों द्वारा आवश्यक चिकित्सा परामर्श भी दिए गए। प्रशासनिक सजगता का परिचय देते हुए बस्तर पुलिस ने भी शिविर में अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई और सुरक्षा के उद्देश्य से ग्रामीणों को साइबर अपराधों की बारीकियों व उनसे बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया। शिविर के मंच से जनपद पंचायत अध्यक्ष संतोष बघेल और जिला पंचायत सदस्य निर्देश दीवान सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने जनता को संबोधित करते हुए शासन की कल्याणकारी योजनाओं की गहराई से जानकारी दी।
इसी तरह बकावंड विकासखंड के बड़े जीराखाल में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में भी ग्रामीणों का उत्साह देखने को मिला, जहाँ कुल 53 आवेदन प्राप्त हुए और जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोनबारी भद्रे, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ललिता कश्यप व श्री बनवासी मौर्य की गरिमामयी उपस्थिति में जनसमस्याओं का निराकरण किया गया। स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि एक ही छत के नीचे स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं का मिलना उनके लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। भारी संख्या में उमड़ी पुरुषों और महिलाओं की भीड़ इस बात का प्रमाण रही कि ‘सुशासन तिहार’ बस्तर के ग्रामीण अंचलों में बदलाव की एक सशक्त लहर बनकर उभरा है।



