
ससहा में निर्माण कार्य में गड़बड़ी पर उप अभियंता को नोटिस, अधूरे कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश


जांजगीर-चांपा। जिले में ग्रामीण विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जनपद पंचायत पामगढ़ में पंचायत सचिवों, तकनीकी सहायकों और रोजगार सहायकों की बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान ग्राम पंचायत ससहा में निर्माणाधीन मंच कार्य में गुणवत्ताहीनता पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और संबंधित उप अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही, धीमी प्रगति और अधूरे कार्यों को लेकर भी अधिकारियों को चेतावनी दी गई। कलेक्टर ने सभी अप्रारंभ कार्यों को तत्काल शुरू कर समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना पर सख्ती
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी अनियमितता की शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुशासन तिहार: 1 मई से शिविर
कलेक्टर ने बताया कि 1 मई से 10 जून 2026 तक सुशासन तिहार के अंतर्गत जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह में लगने वाले इन शिविरों में आम जनता की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। शिविरों में छाया, पेयजल और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
5 वर्षीय विकास योजना पर जोर
ग्राम पंचायतों के लिए सुनियोजित 5 वर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इस योजना में पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, सड़क और सिंचाई जैसे प्राथमिक क्षेत्रों को शामिल करने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही, हर वर्ष की कार्ययोजना को इसी दीर्घकालिक योजना के अनुरूप बनाने को कहा गया।
जल संरक्षण को प्राथमिकता
कलेक्टर ने जल संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए सोक पिट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, चेकडैम, डबरी और नवा तरिया जैसे कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनभागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण अभियान को गति देने पर जोर दिया।
फील्ड मॉनिटरिंग के निर्देश
अधिकारियों को नियमित फील्ड निरीक्षण करने और योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए, ताकि शासन की योजनाओं का प्रभाव धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और जनपद स्तर के कर्मचारी उपस्थित रहे।



